
-108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ
-गायत्री शक्तिपीठ से निकल पीतवस्त्र धारी पहुंचे भृगु मंदिर, किया कलश पूजन
-कलश में भृगु मंदिर से लिया जल, रेलवे स्टेशन होते हुए पहुंचे गायत्री शक्तिपीठ

शशिकांत ओझा
बलिया : गायत्री शक्तिपीठ महावीर घाट (गंगा जी मार्ग बलिया ) पर आयोजित 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के लिए गुरुवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में शामिल सैकड़ों पीतवस्त्र धारियों को देख महर्षि भृगु की पावन धरा पूरी तरह गायत्रीमय हो गई।

गायत्री शक्तिपीठ परिसर से शुरू हुई भव्य कलश यात्रा से पूरा नगर भक्तिमय हो गया। वैदिक मंत्रों व मंगल गीतों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। नगर वासियों ने कलश यात्रा पर जगह जगह पुष्प वर्षा की। कलश यात्रियों के स्वागत में जलपान की भी व्यवस्था बनाई गई। कलश यात्रा शक्तिपीठ से निकल कर चमन सिंह बाग रोड, लोहापट्टी चौक से सिनेमा रोड, महावीर मंदिर, बालेश्वर मंदिर होते हुए नया चौक चित्रगुप्त रोड पहुंची। भृगु मंदिर मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार की बीच कलश पूजन हुआ और जल भर गया। जल लेने के पश्चात कलश यात्री भृगु मंदिर से सतीश चंद्र कालेज, मालगोदाम रोड, स्टेशन चौक रोड से गुदरी बाजार होते हुए शक्तिपीठ पर पहुंचे। गायत्री शक्तिपीठ में आरती एवं शांति पाठ के साथ इसका समापन हुआ।

इस दौरान शांतिकुंज हरिद्वार के टोली नायक राम तपस्या आचार्य ने कहा कि यज्ञ ही व्यक्ति समाज एवं विश्व की रक्षा कर सकता है। अतः यज्ञ की संस्कृति को बचाए रखना मानव जाति का धर्म और दायित्व है। आज करोड़ों व्यक्ति गायत्री से जुड़ कर अपने जीवन में सुधार ला रहे हैं। गायत्री शक्तिपीठ के प्रभारी विजेंद्र नाथ चौबे ने बताया कि एक जनवरी से चार जनवरी तक महायज्ञ किया जाएगा। जिसके प्रथम दिन कलश यात्रा का धार्मिक उद्देश्य जीव जगत के कुशल मंगल की कामना और जनजागरण है। इस दौरान सभी प्रकार के कर्मकांड व संस्कार, नामांकरण, मुंडन, विद्यारंभ, यज्ञोपवीत, दीक्षा आदि निशुल्क संपन्न कराए जाएंगे। गायत्री महायज्ञ की कलश यात्रा में राकेश पांडेय, ममता गुप्ता, शक्ति तिवारी, कृष्णा जायसवाल आदि सैकड़ों लोगों ने महती भूमिका निभाई।




