
-जंग बलिया नगर विधानसभा की
-कहा 2017 से 2022 तक मैं विधायक मंत्री था तो एक इंच जमीन नहीं छू पाए भूमाफिया
-आज सैकड़ों एकड़ जमीन पर भूमाफियाओं का है कब्जा, पीड़ित परेशान

शशिकांत ओझा
बलिया : कहावत है कि मोहब्बत और जंग में सबकुछ जायज है लेकिन इसका क्या मतलब है की मोहब्बत और जंग करने वाले कुछ भी करें। मिशन विधानसभा 2027 वैसे तो कभी दूर है पर बलिया नगर विधानसभा में अभी से जंग दिखने लगी है। नगर विधानसभा क्षेत्र से दयाशंकर सिंह विधायक हैं और प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री भी। नगर विधानसभा के पूर्व विधायक पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल नगर विधानसभा क्षेत्र में ही राजनीतिक जमीन फिर से तलाश रहे हैं। पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने नाम लिए बगैर अपने ही मंत्री पर बड़ा आरोप लगाया है। पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप ने कहा कि जब मैं विधायक और मंत्री था तो एक इंच भी जमीन भूमाफिया इधर उधर नहीं कर पाए, आज सैकड़ों एकड़ जमीन पर भूमाफिया कब्जा किए हुए हैं। पूर्व मंत्री ने यह तो नहीं कहा कि भूमाफियाओं को संरक्षण कौन दे रहा है पर उनका बयान निश्चित रुप से विधायक और मंत्री दयाशंकर सिंह की ओर इशारा कर रहा है।


पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने मीडिया से बातचीत के क्रम में कहा कि 2017 से 2022 तक नगर विधानसभा क्षेत्र की जनता ने मुझे विधायक बनाया और सरकार ने मंत्री। पांच साल में एक इंच जमीन भी भूमाफिया इधर से उधर नहीं कर पाए। जनता बड़े शुकून से थी। आज स्थिति बहुत ही दयनीय है। सैकड़ों एकड़ जमीन पर भूमाफियाओं का अवैध कब्जा है और भूस्वामी मारे मारे फिर रहे हैं उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। वहीं पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप ने कहा कि हमें अपनी सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूरा भरोसा है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल को विश्वास किस पर नहीं है। जबकि यह सर्वमान्य है कि विधायक उनकी ही पार्टी के दयाशंकर सिंह हैं जो प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप ने यह भी कहा कि समय आएगा और जमीन भूस्वामियों को सौंपी जाएगी। इसका। मतलब जब वह विधायक बनेंगे तो जमीन वापस दिलाएंगे। पूर्व मंत्री के इस राजनीतिक बयान को लोग राजनीतिक जमीन नगर विधानसभा क्षेत्र में तलाश मान रहे हैं। पूर्व मंत्री क्या नगर विधानसभा में आएंगे यह तो भविष्य बताएगा पर नाम लिए बगैर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह पर इस तरह का आरोप इसी के क्रम में देखा जा रहा है।






