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108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य समापन, सम्मान पूर्वक विदा किए गए आहूत देवता

-गायत्री शक्तिपीठ
-शांतिकुंज हरिद्वार से आए विद्वत जनों ने कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित
-महायज्ञ के अंतिम दिन हुआ दिव्य भंडारा, हजारों ने ग्रहण किया प्रसाद

शशिकांत ओझा

बलिया : गायत्री शक्तिपीठ महावीर घाट में एक जनवरी से प्रारंभ 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य समापन रविवार को हुआ। महायज्ञ के अंतिम दिन हजारों श्रद्धालुओं ने आहूति दी। यज्ञाहूति पूर्ण होने के बाद समापन हुआ और सम्मान पूर्वक आहूत देवताओं को विदा किया गया।


गायत्री माता प्रतिमा स्थापना वार्षिकोत्सव के अवसर पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी एक जनवरी से चार जनवरी तक 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन हुआ। नववर्ष के प्रथम दिन एक जनवरी को भव्य कलश यात्रा कार्यक्रम हुआ। दो जनवरी से रविवार तक यज्ञाहूति और विभिन्न संस्कार महोत्सव आयोजित हुए। यज्ञ के समापन के पश्चात् शांतिकुंज हरिद्वार से आए विद्वानों का गायत्री शक्तिपीठ के प्रभारी विजेंद्र नाथ चौबे ने तिलक लगा, माल्यार्पण करते हुए अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया। शांतिकुंज के विद्वत जनों ने गायत्री शक्तिपीठ के कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। गायत्री शक्तिपीठ के प्रभारी विजेंद्र नाथ चौबे ने सभी का आभार जताया। अंतिम दिन शक्तिपीठ परिसर में भव्य भंडारा भी आयोजित किया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। समाज के कल्याण के निमित्त सभी ने प्रतिदिन गायत्री मंत्र का जाप करने का संकल्प लिया।