
-मिशन विधानसभा 2027
-मंजू सिंह समाजवादी पार्टी का झंडा लेकर जाने की कतार में सबसे अग्रणी
-पब्लिक में इस बात की भी चर्चा, लोहे को लोहा ही काटेगा

शशिकांत ओझा
बलिया : उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव तो वैसे 2027 में होना है पर प्रदेश में चुनावी माहौल बनने लगा है। बलिया जनपद के चुनावी अखाड़े में पहलवान उतर गए हैं। जनपद की नगर विधानसभा का आलम कुछ और हैं। यहां वर्तमान में भाजपा के दयाशंकर सिंह विधायक हैं और वह प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री भी हैं। समाजवादी पार्टी के बैनर तले उतरने वाले उस पहलवान की सभी को प्रतीक्षा है जो दयाशंकर सिंह का विकल्प बन सके। सपा किसे मौका देगी यह तो समय बताएगा परंतु पब्लिक की नजर में पूर्व विधायक मंजू सिंह ही सबसे मजबूत विकल्प दिख रही हैं।

बलिया नगर विधानसभा क्षेत्र में पूर्व विधायक मंजू सिंह सर्व समाज में मान्य एक मजबूत महिला जनप्रतिनिधि हैं। वह अपने समर्थकों और आम जन के कल्याण के लिए सदैव तत्पर और तैयार रहती हैं। चुनावी विशेषज्ञों की मानें तो मंजू सिंह एक मात्र ऐसी उम्मीदवार होंगी जिनको अगड़ा-पिछड़ा और दलित सभी वर्गों में मत मिलेगा। पूर्व विधायक मंजू सिंह सभी वर्गों की मनपसंद हैं।

एक चुनावी विशेषज्ञ का तो यह मानना है कि वर्तमान समय में क्षत्रिय वर्ग से विधायक हैं उनको काटने के लिए क्षत्रिय वर्ग से ही आने वाली मंजू सिंह पर्याप्त हैं कारण लोहे को लोहा ही काटता है। उस चुनावी विशेषज्ञ का तो यह मानना है कि सवर्ण वर्ग से यदि बलिया में कोई अधिक से अधिक वोट सपा के खाते में ला सकता है तो वह सिर्फ और सिर्फ मंजू सिंह हैं। एक विशेषज्ञ ने कहा पूर्व विधायक मंजू सिंह के पास उनके पति पूर्व विधायक स्व. मार्कंडेय सिंह की समृद्ध विरासत भी है। मार्कंडेय सिंह को आज भी मतदाता खास तरजीह देते हैं। अब देखना होगा कि समाजवादी पार्टी क्या करती है। पब्लिक में मंजू सिंह को दयाशंकर सिंह का विकल्प मानना शुरू कर दिया है।






