
-हालत इस क्षेत्र की
-प्रशासन और पुलिस ने ध्यान नहीं दिया तो हो सकती हैं कई हत्याएं
-पुलिस की मिली-भगत से तश्कर प्रतिदिन हजारों पेटी की कर रहे तस्करी
-संगठित गिरोह क्षेत्र के हजारों नौजवानों को धकेला इस दलदल में

शशिकांत ओझा
बलिया : बिहार में शराबबंदी है और उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में शराब तस्करी एक बड़ा अघोषित उद्योग बन गया है। जनपद का सहतवार से सुरेमनपुर का का क्षेत्र अवैध शराब तस्करी का हब सा बन गया है। प्रशासन ने यदि इस पर गंभीर रोकथाम की कार्रवाई नहीं की तो परिणाम बहुत भयावह होंगे। शराब तस्करी में जुटे माफिया हजारों नौजवानों को इस दलदल में धकेल रहे हैं। सूत्रों की मानें तो पुलिस की मौन स्वीकृति शराब माफियाओं का काम आसान कर रही है। शराब तस्कर प्रतिदिन भारी मात्रा में शराब की तस्करी कर रहे हैं।




जनपद का यह इलाका बिहार से सटे है। सरयू नदी के इस पार जनपद का इलाका है और उस पार बिहार। स्थानीय लोगों की मानें तो टीएस बंधा, गोपाल नगर दीयारा, भागड़बांध इलाकों से शराब सरयू नदी के रास्ते बिहार के सीवान में भेजी जाती है। सूरज ढलने के बाद शराब माफियाओं का खेल शुरू होता है और सूर्य उदय होने के आसपास तक जारी रहता है। शराब माफिया स्थानीय युवाओं खासकर बेरोजगारों को इस नरक के दलदल में पैसे का लालच देकर धकेल रहे हैं।

ऐसा नहीं है कि पुलिस शराब पकड़ती नहीं पर माफियाओं को मौन स्वीकृति भी पुलिस की मिली हुई है। लोगों का तो कहना यहां तक है कि पुलिस की मिली-भगत है पर इसका ठोस प्रमाण मिले बिना दावा नहीं किया जा सकता। आवश्यकता है कि प्रशासन शराब माफियाओं पर लगाम लगाएं और शराब तस्करी बंद कराए। यदि ऐसा ही चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं की इस क्षेत्र में धड़ल्ले से हत्याएं होंगी। प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।









