
-मिशन 2027
-गांव गांव, घर घर जाकर लोगों के दुख सुख में हो रहीं शामिल
-गांव गांव में हाजिरी लगाकर महिलाओं के दिलों में बना रहीं स्थान
शशिकांत ओझा
बलिया : “अभी तो परिंदे शुमार करना है, फिर बताएंगे किसका शिकार करना है। तुम्हें गुरुर है ऐ दरिया अपनी बेकश लहरों पर, हमें भी जिद है दरिया को पार करना है”। जैसी सोच लेकर विधानसभा फेफना की राजनीति में दाखिल हुईं डा. सुषमा शेखर ने एक राजनीतिक भूचाल सा लायीं हैं। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुत्रवधू और राज्यसभा सांसद नीरज शेखर की धर्मपत्नी डा. सुषमा शेखर विधानसभा क्षेत्र में आधी आबादी की राजनीतिक नींव रखेंगी।
हिन्दू धर्म के महापर्व होली के बाद विधानसभा क्षेत्र में उतरीं डा. सुषमा शेखर गांव गांव घर घर पहुंच लोगों का हालचाल ले रहीं हैं। लोगों के दचख सुख में शामिल हो रही हैं। डा. सुषमा शेखर गांव गांव पहुंच वहां की आधी आबादी (महिलाओं) के दिलों में अपना स्थान बनाती जा रही हैं। डा. सुषमा शेखर ने फेफना विधानसभा क्षेत्र को अपना राजनीतिक कर्मक्षेत्र बनाया है। डा. सुषमा शेखर के मैदान में उतरने से सभी दलों के वरिष्ठ नेताओं में बेचैनी महसूस होने लगी है। हालांकि अभी मिशन 2027 तो दूर है पर डा. सुषमा शेखर का विधानसभा क्षेत्र में टहलना एक राजनीतिक संदेश दे रहा है।