
-शैक्षणिक प्रतिभा की अंगूठी में एक और नगीना
-कुआलालंपुर में आयोजित प्रतियोगिता में 21 देशों का प्रतिभाग, बलिया का लाल द्वितीय

शशिकांत ओझा
बलिया : कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो। पुरुषार्थ प्रदर्शित करने वाली इन पंक्तियों को सनबीम स्कूल अगरसंडा बलिया के दीपक ने एक बार चरितार्थ कर दिखाया है। इंटरनेशनल रोबोटिक्स चैंपियनशिप में दूसरा स्थान हासिल कर दीपक ने प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले 21 देशों में बलिया का नाम रौशन किया है। दीपक की इस उपलब्धि पर सनबीम स्कूल अगरसंडा बलिया को बहुत गर्व है।

शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में बलिया के सनबीम स्कूल का एक बार फिर गर्व से चमका है। विद्यालय के कक्षा 11वीं विज्ञान वर्ग के मेधावी छात्र दीपक कुमार ने मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित रोबोवंडर इंटरनेशनल रोबोटिक्स चैंपियनशिप 2025-26 के फाइनल में 21 देशों के 2100 प्रतिभागियों में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। ऐसा कर दीपक ने ने केवल विद्यालय अपितु पूरे जनपद का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है।


इस प्रतियोगिता का आगाज दिसंबर माह में ऑनलाइन प्रारंभिक दौर के साथ हुआ था। इसमें सनबीम स्कूल बलिया के दो छात्रों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। प्रतियोगिता की शर्त के अनुसार, छात्रों को ‘रोबोवंडर रोबोटिक्स किट’ का उपयोग कर एक वर्किंग प्रोजेक्ट तैयार करना था और उसका वीडियो प्रदर्शन साझा करना था। दीपक कुमार ने इस राउंड में अविश्वसनीय प्रदर्शन करते हुए 50 में से 49.5 अंक हासिल किए, जिसने उन्हें सीधे ग्रैंड फिनाले का टिकट दिला दिया। प्रारंभिक दौर की कड़ी प्रतिस्पर्धा पार करने के बाद, दीपक को रोबोवंडर टीम द्वारा मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में फिनाले के लिए आमंत्रित किया गया।


फिनाले में दुनिया भर 21 देशों की 2100 प्रतिभागियों में से चुनिंदा 9 टीमों के बीच कांटे की टक्कर थी, जहां सभी को अपने प्रोजेक्ट्स का लाइव प्रदर्शन और प्रेजेंटेशन देना था। फाइनल के दौरान दीपक कुमार ने एक साझा टीम के रूप में भाग लिया, जिसमें उनके साथ चेन्नई के वेलाम्मल स्कूल और आंध्र प्रदेश के इंटरनेशनल दिल्ली पब्लिक स्कूल के छात्र शामिल थे। इस ‘कोलाबोरेटिव टीम’ ने अपनी तकनीकी सूझबूझ और टीम वर्क का परिचय देते हुए निर्णायक टीम को प्रभावित किया और ट्रॉफी और एक लाख चालीस हजार की नगद राशि के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
दीपक की इस वैश्विक उपलब्धि पर सनबीम स्कूल बलिया के प्रबंधन और शिक्षकों ने अत्यंत हर्ष व्यक्त किया है। यह उपलब्धि न केवल दीपक की कड़ी मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह दर्शाती है कि बलिया के छोटे शहर के छात्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकी प्रतिस्पर्धा जीतने का सामर्थ्य है।

इस जीत पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यालय निदेशक डॉ कुंवर अरुण सिंह ने कहा कि आज का दिन सनबीम स्कूल बलिया के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। विद्यालय के छात्र दीपक कुमार ने सात समंदर पार मलेशिया की धरती पर तिरंगा फहराकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती।
दीपक ने शुरुआती दौर में 50 में से 49.5 अंक प्राप्त कर अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी थी। अंतरराष्ट्रीय मंच पर चेन्नई और आंध्र प्रदेश के छात्रों के साथ तालमेल बिठाकर रनर-अप का खिताब जीतना, उनके नेतृत्व कौशल को दर्शाता है। यह केवल दीपक की जीत नहीं है, बल्कि हमारे विद्यालय की उस सोच की जीत है जहाँ हम रटने के बजाय ‘इनोवेशन’ और ‘प्रैक्टिकल लर्निंग’ पर जोर देते हैं। मैं दीपक, उनके परिवार और उन्हें गाइड करने वाले शिक्षकों को इस ऐतिहासिक सफलता पर हार्दिक बधाई देता हूँ।

विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ अर्पिता सिंह ने कहा कि एक शिक्षक के लिए इससे बड़े गर्व की बात और क्या हो सकती है कि उसका विद्यार्थी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो रहा हो। ‘रोबोवंडर इंटरनेशनल रोबोटिक्स चैंपियनशिप’ जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में, जहाँ दुनिया भर की 9 दिग्गज टीमें शामिल थीं, वहां अपनी प्रतिभा को सिद्ध करना असाधारण है।
दीपक ने न केवल रोबोटिक्स किट का बेहतरीन इस्तेमाल किया, बल्कि कुआलालंपुर के रिट्ज कार्लटन में अपनी प्रेजेंटेशन से सबका दिल जीत लिया। सनबीम स्कूल बलिया हमेशा से अपने छात्रों को तकनीक और भविष्य के कौशलों से जोड़ने का प्रयास करता रहा है। दीपक की यह सफलता हमारे अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। हम दीपक के उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं और विश्वास दिलाते हैं कि विद्यालय हर कदम पर उनके जैसे नवाचारी मस्तिष्क को सहयोग प्रदान करता रहेगा।




