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जननायक चंद्रशेखर की स्मृतियां अक्षुण्ण रखता है हाफ मैराथन

-देश के कोने कोने से धारक करते हैं मैराथन में सहभाग, खिलाड़ियों में दिखता है उत्साह
-आयोजन से युवाओं में मिलता स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक एकता का संदेश

शशिकांत ओझा

बलिया : पूर्व प्रधानमंत्री जननायक चंद्रशेखर की स्मृतियों को अक्षुण्ण रखने के साथ-साथ युवाओं में स्वास्थ्य जागरूकता एवं सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम है चंद्रशेखर हाफ मैराथन। हाफ मैराथन में देश के कोने कोने से आकर धावक सहभागिता करते हैं। इस वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जन्म शताब्दी पर इस आयोजन को और बेहतरीन करने की योजना है। सहभागिता के लिए पंजीकरण प्रारंभ है।

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जयंती के शताब्दी वर्ष में 19 अप्रैल 2026 को बलिया में आयोजित चंद्रशेखर हॉफ मैराथन के सातवें संस्करण में खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन समिति के सचिव उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि एक अप्रैल से रजिस्ट्रेशन वेबसाइट पर किया जा रहा है। अब तक लगभग 253 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग करने हेतु रजिस्ट्रेशन कर लिया है। देश के कोने-कोने से धावक पंजीकरण करा रहे हैं। जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान आदि राज्यों के धावक अपना रजिस्ट्रेशन कराकर इस मैराथन में हिस्सा हेतु इच्छुक हैं। सचिव श्री सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में से खास कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपदो से खिलाड़ी रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं। बताया कि विदेशी खिलाड़ियों ने आयोजन समिति से संपर्क कर आने की इच्छा व्यक्त किया है। समिति के सचिव ने बताया कि जनपद के प्रतिभागियों की सुविधा हेतु ज्ञानकुंज एकेडमी बंशी बाजार, सनबीम स्कूल अगरसंडा, आरके मिशन स्कूल सागरपाली, गौरी भैया महाविद्यालय सागरपाली, डीएस मेमोरियल स्कूल रतसर, महात्मा गांधी विद्यापीठ सुखपुरा के साथ-साथ वीर लोरिक स्पोर्ट्स स्टेडियम में रजिस्ट्रेशन केंद्र बनाया गया है। जहां पर कोई भी खिलाड़ी अपना रजिस्ट्रेशन करा सकता है। आयोजन समिति के सदस्य इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने हेतु पुरे तन्मयता से लगे हुए है। इस बार के सातवें मैराथन के संस्करण में समिति के संरक्षक सांसद नीरज शेखर पुरस्कारों की राशि बढ़ाने की घोषणा पूर्व में ही कर चुके हैं। जिस कारण इस मैराथन में इंटरनेशनल और नेशनल लेवल के धावको में आकर्षण बढ़ा हुआ है।