
-विधानसभा सिकंदरपुर
-एक पूर्व विधायक हैं भाजपा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य
-एक पूर्व विधायक रहे हैं भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष भी


शशिकांत ओझा
बलिया : उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव 2027 में होना है, समय कम ही बचा है। सभी राजनीतिक दल और विधानसभा का चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले लोगों ने तो मिशन 2027 शुरू ही कर दिया है। बलिया जनपद में सर्वाधिक जंग भाजपा टिकट के लिए चल रही है। विधानसभा सिकंदरपुर में भी भाजपा टिकट के लिए कड़ी दावेदारी का क्रम चल रहा है। वैसे तो लगभग आधा दर्जन संभावित उम्मीदवार हैं पर तीन लोगों में टक्कर बड़ी कड़ी दिख रही है। तीन दावेदारों में पूर्व मंत्री राजधारी, पूर्व विधायक संजय यादव और पूर्व विधायक भगवान पाठक का नाम है। देखना रोचक होगा कि भाजपा किसे उम्मीदवार बनाती है। चर्चा यह भी है कि सिकंदरपुर विधानसभा सीट एनडीए के दूसरे घटक दल को दी जा सकती है।

विधानसभा सिकंदरपुर से भाजपा टिकट के लिए पूर्व मंत्री राजधारी, पूर्व विधायक भगवान पाठक का भी दावा है। पूर्व विधायक संजय यादव की तो यह सीट है ही, वह पिछली बार चुनाव हार गए थे। इसलिए इन तीन लोगों में जंग तगड़ी है। पूर्व विधायक संजय यादव भाजपा के जिलाध्यक्ष भी रहे हैं और हाईकमान में उनकी पहुंच काफी है। पूर्व विधायक भगवान पाठक वर्तमान में भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य हैं। पूर्व मंत्री राजधारी अपने जमाने में प्रदेश सरकार ने कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं।

देखना रोचक होगा कि भाजपा इन तीनों में से किसी को चुनती है मां और कोई उम्मीदवार के जिम्मे कमल का फूल देती है। सिकंदरपुर विधानसभा से वर्तमान में समाजवादी पार्टी के मो. जियाउद्दीन रिजवी विधायक हैं। सपा से मुसलमान का विधायक होना और फिर से यहां कमल का फूल खिलाना भाजपा के लिए कड़ी चुनौती है।
घटक दल के जिम्मे सीट जाने की भी चर्चा

चर्चा यह भी है की विधानसभा सिकंदरपुर एनडीए के घटक दल सुभासपा को भी भाजपा दे सकती है। क्योंकि इस सीट पर सुभासपा के केडर वोट राजभरों की संख्या ठीक-ठाक है। यदि भाजपा सुभासपा को यह सीट देती है तो यहां सुभासपा के वरिष्ठ नेता रजनीश श्रीवास्तव और संजय भाई की यहां चर्चा मजबूती से है।


