
-प्रार्थना सभा में गीत, संवाद और सम्मान के साथ दी गई सुश्री अफरीन बानो को भावभीनी विदाई

शशिकांत ओझा
बलिया : विहान विद्यापीठ, पकड़ी में शुक्रवार को प्रातःकालीन प्रार्थना सभा के दौरान विद्यालय की समर्पित एवं लोकप्रिय शिक्षिका सुश्री अफरीन बानो के सम्मान में एक गरिमामय एवं भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया। पूरे विद्यालय का वातावरण आत्मीयता, सम्मान और भावनाओं से ओत-प्रोत रहा। विद्यार्थियों ने अपने प्रिय शिक्षिका के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता को भावपूर्ण संवादों, प्रेरक विचारों एवं मधुर विदाई गीतों के माध्यम से व्यक्त किया।




विद्यार्थियों की भावनाओं ने उपस्थित सभी शिक्षकों एवं अतिथियों को भावुक कर दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक आलोक, एसएल गुप्ता एवं प्रीति ओझा ने अफरीन बानो को माल्यार्पण एवं अंगवस्त्रम भेंट कर विद्यालय परिवार की ओर से सम्मान एवं शुभकामनाएं अर्पित की। इसके उपरांत प्रबंध निदेशक नितीश उपाध्याय ने स्मृति-चिह्न (मेमेन्टो) भेंट कर उनके विद्यालय में दिए गए योगदान की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी।
इस अवसर पर प्रबंध निदेशक नितीश उपाध्याय, प्रधानाचार्य सीके सिंह एवं चेयरमैन अजय उपाध्याय ने अपने संयुक्त संदेश में कहा कि एक शिक्षक का योगदान केवल कक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह अपने ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और स्नेह से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं भविष्य का निर्माण करता है।

अफरीन बानो ने अपने कार्यकाल में निष्ठा, समर्पण, अनुशासन एवं सौम्य व्यवहार से विद्यालय परिवार में एक विशेष स्थान बनाया है। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। विहान विद्यापीठ परिवार उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं निरंतर सफलता की मंगलकामना करता है। भावुक होकर अफरीन बानो ने कहा विहान विद्यापीठ मेरे लिए केवल एक विद्यालय नहीं, बल्कि मेरा दूसरा परिवार है। यहां मुझे जो स्नेह, विश्वास, सम्मान और सहयोग मिला, वह मेरे जीवन की अमूल्य धरोहर रहेगा। विद्यार्थियों का निष्छल प्रेम, सहकर्मियों का अपनापन तथा विद्यालय प्रबंधन का मार्गदर्शन मुझे सदैव प्रेरित करता रहेगा। मैं यहां बिताए प्रत्येक पल को जीवनभर संजोकर रखूंगी और विहान विद्यापीठ परिवार की सदैव आभारी रहूंगी। समारोह के अंत में समस्त विद्यालय परिवार ने अफरीन बानो के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी। प्रार्थना सभा में उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्हें शुभकामनाओं के साथ विदा किया। यह अवसर केवल एक औपचारिक विदाई नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य के स्नेह, पारस्परिक सम्मान और विहान विद्यापीठ की पारिवारिक संस्कृति का जीवंत उदाहरण बन गया, जिसने उपस्थित सभी लोगों के हृदय को भावुक कर दिया।





