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शिव धनुष भंग कर श्रीराम ने जीता सीता का हृदय, संपन्न विवाह

-बेरुआरबारी में रामकथा
-अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक राजन जी महाराज के श्रीमुख से हो रही कथा
-बांसडीह विधायक केतकी सिंह के निमंत्रण पर पहुंच रहे हजारों श्रोता

शशिकांत ओझा


बलिया : बेरुआरबारी क्षेत्र के बाबा अमर नाथ व बाबा भगवान दास मंदिर प्रागण मे चल रहे नौ दिवसीय संगीतमय कथा के दौरान अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक राजन जी महराज ने सीता स्वंवर की चर्चा करते हुए बताया की मिथिला की पावन धरती उस अद्भुत क्षण की साक्षी बनी, जिसका इंतजार मानो स्वयं देवता भी कर रहे थे। राजमहल से लेकर नगर की गलियों तक उल्लास, भक्ति और मंगल गीतों की गूंज थी। जनकनंदिनी माता सीता की आँखों में आशा थी और राजा जनक के हृदय में विश्वास कि उनकी पुत्री का वरण कोई असाधारण पुरुष ही करेगा।

स्वयंवर सभा में देश-विदेश के अनेक पराक्रमी राजा और वीर उपस्थित थे, किंतु भगवान शिव के दिव्य धनुष को कोई भी हिला न सका। तभी महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा पाकर अयोध्या के राजकुमार श्रीराम शांत, विनम्र और तेजस्वी स्वरूप में आगे बढ़े। जैसे ही उन्होंने सहज भाव से धनुष उठाया और उस पर प्रत्यंचा चढ़ाने का प्रयास किया, एक प्रचंड ध्वनि के साथ धनुष भंग हो गया। उस क्षण मानो समय थम गया और फिर पूरा मिथिला “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा। माता सीता के मुख पर प्रसन्नता और संकोच का अद्भुत संगम दिखाई दिया। हाथों में जयमाला लिए उन्होंने अपने आराध्य श्रीराम को पति रूप में स्वीकार किया। यह केवल एक स्वयंवर की सफलता नहीं थी, बल्कि दो पवित्र आत्माओं, दो आदर्शों और दो महान संस्कृतियों का दिव्य मिलन था। शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रों, शंखनाद और मंगल गीतों के बीच श्रीराम और माता सीता का विवाह संपन्न हुआ। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं देवगण आकाश से पुष्पवर्षा कर इस दिव्य युगल को आशीर्वाद दे रहे हों। राजा दशरथ, राजा जनक, ऋषि-मुनि और समस्त जनसमूह की आँखों में आनंद के आँसू थे।

इस दौरान पुरे पंडाल मे उपस्थित क्षेत्रीय विधायक केतकी सिंह व सभी महिलाए मंगल गीत गाने के साथ ही आरती उतार रही थीं और पूरा पंडाल फूलो की वर्षा से गमक उठा। उस पावन क्षण में हर हृदय यही कह रहा था कि यह विवाह केवल एक राजकुमार और राजकुमारी का नहीं, बल्कि प्रेम, मर्यादा, त्याग, धर्म और आदर्श जीवन मूल्यों का दिव्य संगम है। इस मौके पर राकेश सिंह, केतकी सिंह, विधायक भाटपाररानी सभाकुंवर कुशवाहा, विधायक शैयदरजा, सुशील सिंह, बेद प्रकाश, डॉ सुबेलाल चौहान, राणा कुणाल सिंह, रजनीश सिंह, प्रशांत सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में पुलिस प्रशासन का सहयोग भी सराहनीय रहा। रामकथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे हैं।