
-राजनीति की नई उपज
-सेवा ही संकल्प को बनाया अपना लक्ष्य, सेवा भाव लिए पहुंच रहा जनता में
-जिला पंचायत वार्ड संख्या 49 को बनाया कार्य क्षेत्र, पर सक्रिय हैं हर क्षेत्र में

शशिकांत ओझा
बलिया : बात देवकाल की हो या जंग-ए-आज़ादी की, राजनीति की हो या साहित्य की, कुछ को बलिया सदैव स्मरण करेगा। वह नाम महर्षि भृगु, मंगल पांडेय, चित्तू पांडेय, हजारी प्रसाद द्विवेदी, केदारनाथ सिंह, जयप्रकाश नारायण और चंद्रशेखर हैं। सभी को अपने अपने क्षेत्र के लिए याद किया जाता है। उसी तरह नवोदित राजनीति में ही बेहतर छवि स्थापित करने के मामले में युवा समाजसेवी विद्यासागर ओझा छोटू को भी जनपद सदैव स्मरण करेगा। राजनीति का यह नवोदित चेहरा निश्चित तौर पर जिले के दिग्गज राजनितिक लोगों को आईना दिखा रहा है।





सेवा ही संकल्प को अपना लक्ष्य मानकर यह युवा चेहरा जिला पंचायत वार्ड संख्या 49 को अपना कार्य क्षेत्र बनाया है पर वह उपस्थित सभी स्थानों पर रह रहा है। वार्ड क्षेत्र के प्रत्येक परिवार के दुःख के क्षणों में सहभागिता कर उनका आंसू पोंछना और दुःख में शामिल होना उस शख्स की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूरे जिला पंचायत वार्ड संख्या 49 में ऐसा कोई परिवार नहीं जिसके यहां किसी के निधन पर उसकी अंतिम यात्रा में शामिल होकर विद्यासागर ओझा ने शव को कंधा न दिया हो। आर्थिक रूप से कमजोर सभी के अंतिम संस्कार में चिता की लकड़ी का इंतजाम भी वह अपनी जिम्मेदारी मानता है।







पूरे क्षेत्र में ऐसा कोई गांव नहीं जहां के धार्मिक आयोजन या खेल आयोजन में वह पूरे मनोयोग से शामिल नहीं होता हो। प्रत्येक दिन फेफना स्थित अपने कार्यालय पर वह जनता के लिए उपलब्ध रहता है और प्रत्येक गांव में घूम घूम कर लोगों का आशीर्वाद प्राप्त करता है। क्षेत्र के लगभग दर्जनों दिव्यांग जनों को भी विद्यासागर ओझा छोटू ने मोटर संचालित ट्राई साइकिल उपलब्ध कराया है। विद्यासागर ओझा छोटू की अपनी मजबूत टीम भी है जो सदैव जनसेवा के लिए तैयार रहती है। राजनीतिक क्षेत्र में विद्यासागर ओझा छोटू के कृत्य निश्चित ही दिग्गज राजनितिक लोगों को आईना दिखा रहा है कि समाज की सेवा ऐसे करनी चाहिए। आलम यह है कि आज विद्यासागर ओझा छोटू भले ही राजनीति में नवोदित है पर जिले भर की बड़ी राजनीतिक चर्चाओं में शामिल है।










