
-राजनीतिक चर्चा
-मौका था पूर्व मंत्री गौरी भईया की 28वीं पुण्यतिथि श्रद्धांजलि कार्यक्रम
-वरिष्ठ भाजपा नेता डा सुषमा शेखर थीं आयोजन की मुख्य वक्ता
-पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी अंत में पहुंच साझा किया मंच रखी अपनी बात


शशिकांत ओझा
बलिया : उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री गौरी भईया की 28वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम और विचार गोष्ठी एक बार फिर लोगों में चर्चा का विषय बन गई है। कारण कि वरिष्ठ भाजपा नेता डा सुषमा शेखर के मंच को पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी ने भी शेयर किया और अपनी बात रखी। पूर्व मंत्री की चर्चा आयोजन में थी ही नहीं। गौरी भईया को श्रद्धांजलि देने आए तो पूर्व मंत्री नारद राय भी दे पर वह मंच पर नहीं गए। गौरी भईया की प्रतिमा को प्रणाम कर वह निकल गए।


सागरपाली में 28 मई को पूर्व मंत्री गौरी भईया की 28वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि और विचारगोष्ठी कार्यक्रम आयोजित था। कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता डा सुषमा शेखर मुख्य वक्ता/ मुख्य अतिथि थीं। निर्धारित समय शाम पांच बजे से कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। मंच पर और बाजार में आयोजन की होर्डिंग और कार्यक्रम में कहीं भी पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी की चर्चा नहीं थीं। कार्यक्रम समापन की ओर था, मुख्य वक्ता डा सुषमा शेखर का भाषण चल रहा था तभी अचानक पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी दाखिल हुए और मंच की ओर बढ़े। मुख्य अतिथि डा सुषमा शेखर ने पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी का भाषण में ही स्वागत किया। मुख्य अतिथि के बाद सभा के अध्यक्ष का भाषण होता है संचालक ऐसा कहा भी पर कुछ ने कहा पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी आए हैं तो उनको भी बुलवाइए। संचालक ने मंच दिया और पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी अपनी बात रखने लगे। मुख्य वक्ता डा सुषमा शेखर थोड़ी देर बाद मंच से उतर चलीं गईं। कार्यक्रम के बाद पब्लिक में पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी के डा सुषमा शेखर के मंच शेयर करने की बड़ी चर्चा रही। जितने मुंह उतनी बातें सुनने को मिलीं।

पूर्व मंत्री नारद राय आए जरुर पर मंच पर नहीं गए
वरिष्ठ भाजपा नेता पूर्व मंत्री नारद राय भी पूर्व मंत्री गौरी भईया को श्रद्धांजलि अर्पित करने सागरपाली आए जरुर थे पर उन्होंने मंच सहभागिता नहीं की। पूर्व मंत्री साथियों के साथ गौरी भईया की प्रतिमा का माल्यार्पण कर वापस लौट गए।



