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मिशन विधानसभा के चुनावी गणित फार्मूले को सुलझाने में जुटे भाजपाई दिग्गज

-शिष्टाचार मुलाकात का दौर
-पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी और पूर्व विधायक संजय यादव की हुई एक और मुलाकात

शशिकांत ओझा

बलिया : मिशन विधानसभा 2027 का परिणाम क्या होगा यह तो तय समय ही बताएगा पर पर विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे जनप्रतिनिधियों की बेचैनी बढ़ती दिख रही है। विपक्ष की बात कौन करे अभी तो सत्ता के धुरंधर चुनावी गणित का फार्मूला सुलझाने में जुटे हैं। कुछ कद्दावर नेता अंदर अंदर परेशान दिख रहे हैं। देखिए भाजपा नेतृत्व क्या करता है।

मिशन विधानसभा की तैयारी को देखते हुए भाजपा नेता शीर्ष नेतृत्व और आपस में मिलजुल कर चुनावी रणनीति सुलझा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के दिन भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष, सिकंदरपुर के पूर्व विधायक संजय यादव पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी के टैगोर नगर स्थित आवास पर पहुंचे। इस मुलाकात को शिष्टाचार मुलाकात और आत्मीय भेंट का नाम जरूर दिया गया पर पब्लिक में इस मुलाकात को चुनावी गणित फार्मूला सुलझाने का प्रयास कहा जा रहा है। विधानसभा फेफना और सिकंदरपुर वर्तमान में समाजवादी पार्टी के पास है।

फेफना से संग्राम सिंह यादव और सिकंदरपुर से मो. रिजवी विधायक हैं। विधानसभा चुनाव 2022 में फेफना से उपेंद्र तिवारी और सिकंदरपुर से संजय यादव चुनाव हार गए थे। चर्चा है कि उपेंद्र तिवारी और संजय यादव अपने अपने विधानसभा का नेता खुद को ही मान रहे हैं। विधानसभा फेफना से पूर्व मंत्री नारद राय और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुत्रवधू डा सुषमा शेखर और सिकंदरपुर से पूर्व विधायक भगवान पाठक, पूर्व मंत्री राजधारी पूरे मूड मिजाज से क्षेत्र में जुटे हैं। भाजपा के दोनों दिग्गज इन दिनों क्षेत्र और सिस्टम में जुटे हैं कि कहीं मिशन विधानसभा 2027 गड़बड़ न हो जाए। शिष्टाचार मुलाकात निश्चित मिशन विधानसभा 2027 के लिए ही थी या आत्मीय भेंट वर्तमान के लिए यक्ष प्रश्न है।