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सनबीम ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस की डायरेक्टर अमृता बर्मन का आगमन

-सनबीन स्कूल बलिया में
-पहले दिन पेरेंट्स और स्टूडेंट्स फोरम में हुई महत्वपूर्ण चर्चा
-विद्यालय के निदेशक डा. अरुण सिंह गामा ने किया अभिवादन

शशिकांत ओझा

बलिया : शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध, सनबीम ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस की डायरेक्टर अमृता बर्मन का बलिया में दो दिवसीय दौरा प्रारंभ हो गया है। वह 3 और 4 जुलाई को सनबीम स्कूल, बलिया के भ्रमण पर रहेंगी। श्रीमती बर्मन का सनबीम स्कूल बलिया के निदेशक डा अरुण सिंह गामा ने विद्यालय परिसर में स्वागत अभिनन्दन किया।

अपने दौरे के पहले दिन उन्होंने विद्यालय की मॉर्निंग असेंबली, ‘पेरेंट्स फोरम’ और ‘स्टूडेंट्स फोरम’ में विशेष रूप से शिरकत की, जहाँ शिक्षा, वैश्विक पाठ्यक्रम और बच्चों के भविष्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। श्रीमती बर्मन के दौरे की शुरुआत में विद्यालय की मॉर्निंग असेंबली के दौरान बच्चों द्वारा एक विशेष साक्षात्कार सत्र का आयोजन किया गया। बच्चों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए टॉप 100 ग्लोबल एजुकेशनिस्ट्स में शामिल श्रीमती बर्मन ने हर प्रकार के विकास में शिक्षा को सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा, “सफलता अथक परिश्रम, लगन व अटूट विश्वास से आती है और इसके लिए नियमित अभ्यास बेहद जरूरी है। आपका संपूर्ण ज्ञान आपकी मंजिल की ओर केंद्रित होना चाहिए।” अपनी विदेश यात्राओं का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने सिंगापुर, जापान और फिनलैंड की उत्कृष्ट शिक्षा प्रणाली को रेखांकित किया तथा जीवन में पुस्तकों के महत्व को समझाया।

उन्होंने सनबीम बलिया की चकाचौंध व्यवस्था की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और बच्चों के अनुशासित व्यवहार को सराहा। इस दौरान श्रीमती बर्मन ने हिंदुस्तान ओलंपियाड में उत्कृष्ठ प्रदर्शन किये विजेता छात्र-छात्राओं को अपने हाथों से मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष संजय कुमार पांडेय, सचिव श्रीवत्स सिंह, निदेशक डॉ कुंवर अरुण सिंह गामा ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया, जिसके बाद उन्होंने स्कूल की सभी कक्षाओं का सघन निरीक्षण भी किया। इसके पश्चात आयोजित ‘पेरेंट्स फोरम’ में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने हिस्सा लिया। इस मंच पर अभिभावकों के साथ विद्यालय की कार्यप्रणाली और पाठ्यक्रम से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर खुलकर विचार-विमर्श हुआ। अभिभावकों ने बच्चों के पठन-पाठन और स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर कई प्रश्न पूछे, जिनका श्रीमती बर्मन ने बहुत ही सहजता और स्पष्टता के साथ संतोषजनक उत्तर दिया। साथ ही उनके बहुमूल्य सुझावों का स्वागत करते हुए अन्य समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान किया। दिन के अंतिम सत्र में ‘स्टूडेंट्स फोरम’ का आयोजन हुआ, जिसमें डायरेक्टर ने विद्यार्थियों के अध्ययन से संबंधित समग्र प्रक्रियाओं व क्रियाकलापों की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को बेहतर पढ़ाई करने और परीक्षा के तनाव से दूर रहने के लिए कई महत्वपूर्ण टिप्स दिए और उन्हें निरंतर सीखते रहने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन संजय पांडेय, सचिव श्रीवत्स सिंह, निदेशक डॉ. कुंवर अरुण सिंह, प्रधानाचार्या डॉ. अर्पिता सिंह, उपप्रधानाचार्य पंकज सिंह और प्रशासक संतोष कुमार चतुर्वेदी उपस्थित रहे। इसके साथ ही ग्लोबल कोऑर्डिनेटर सहर बानो, हेड मिस्ट्रेस नीतू पांडेय, समस्त शिक्षकगण, वाराणसी से आई निरीक्षण टीम, एनसीसी कैडेट्स और विद्यार्थी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन अक्षत दुबे ने किया, जबकि मंच पर साक्षात्कार (इंटरव्यू) के दौरान छात्र शौर्य और छात्रा जान्हवी ने अपनी प्रभावी भूमिका निभाई। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, श्रीमती बर्मन अपने दौरे के दूसरे दिन भी शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न बैठकों में हिस्सा लेंगी।