
-मिशन विधानसभा चुनाव
-पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी को टक्कर देने लगे पूर्व मंत्री नारद राय
-पूर्व प्रधानमंत्री की पुत्रवधू डा सुषमा शेखर की भी बड़ी चर्चा

शशिकांत ओझा
बलिया : मिशन विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश का बिगुल भले भारत निर्वाचन आयोग 2027 में बजाएगा पर पर राजनीतिक दलों में बिगुल बज चुका है। राजनीतिक दल और चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वालों ने अपनी तैयारी और गुणा गणित शुरू कर दिया है। जनपद की फेफना विधानसभा सीट वर्तमान में सपा के संग्राम सिंह यादव के पास है पर भाजपा में यह पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी का क्षेत्र माना जाता है। पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी क्षेत्र में मनोयोग से जुटे भी हैं पर अब यहां के भाजपा टिकट पर अब चर्चा होने लगी है। पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी को भाजपा के दो दिग्गज टिकट की चुनौती दे रहे हैं। एक हैं पूर्व मंत्री नारद राय और दूसरे पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुत्रवधू डा सुषमा शेखर। पार्टी क्या करेगी यह पब्लिक चर्चा का विषय अभी से बना हुआ है।




भाजपा नेता पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र राजनीति के बाद सीधे फेफना विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। लंबे राजनीतिक संघर्ष के बाद वह विधानसभा चुनाव 2012 में उन्होंने दिग्गज समाजवादी पार्टी के नेता अंबिका चौधरी को चुनाव हराया। सपा काल में अंबिका चौधरी को हराने के बाद उनका कद समाज और पार्टी में बढ़ गया। विधानसभा चुनाव 2017 में लगातार दूसरी बार जीत कर वह प्रदेश सरकार में मंत्री भी बने। विधानसभा चुनाव 2022 में सपा के संग्राम सिंह यादव ने उन्हें चुनाव हरा दिया। गत लोकसभा चुनाव के बाद क्षेत्र की परिस्थितियां बदलीं। उपेंद्र तिवारी स्वयं लोकसभा का टिकट मांगते रहे। उन्हें पार्टी ने टिकट नहीं दिया। इसी चुनाव में पूर्व मंत्री नारद राय ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और चुनाव में जुटे। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुत्रवधू डा सुषमा शेखर ने भी अपने पति नीरज शेखर के लिए खुल कर चुनावी अभियान में सहभागिता की। पूर्व मंत्री नारद राय और डा सुषमा शेखर दोनों क्षेत्र का जनपद में परिचय के मोहताज नहीं हैं। इन दोनों नेताओं ने विधानसभा फेफना को ही अपना क्षेत्र मानकर कार्य करना शुभ कर दिया है। ऐसे में पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी का क्षेत्र अब सुरक्षित नहीं माना जा रहा है। वैसे तो सभी विधानसभा क्षेत्रों में कई कई लोग दावा कर रहे हैं पर फेफना विधानसभा क्षेत्र से तीन दिग्गजों का दावा राजनीतिक विश्लेषकों और विशेषज्ञों की नींद भी उड़ा रहा है।


